रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 36% की संभावित बढ़त, जो भारत की सबसे बड़ी कंपनी है, हाल ही में कुछ समय से निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। 2024 में, कंपनी ने निफ्टी 50 इंडेक्स को 15% से पीछे छोड़ा है, जो पिछले 9 वर्षों में पहली बार हुआ जब रिलायंस के शेयर ने नकारात्मक रिटर्न दिया। फिर भी, Jefferies और Bernstein जैसी प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में भविष्य में 36% तक की बढ़त हो सकती है। आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण हैं।
1. कंपनी के मूल्यांकन का आकर्षक स्तर
Jefferies के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर इस समय मार्च 2020 के बाद सबसे सस्ते स्तर पर हैं, जब कोविड-19 महामारी के कारण बाजार में गिरावट आई थी। इस समय निवेशकों के पास एक अच्छा मौका है, क्योंकि कंपनी का मूल्यांकन आकर्षक स्तर पर है। यह निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि कंपनी भविष्य में अच्छे परिणाम दे सकती है।
2. रिटेल, जियो और O2C में सुधार की उम्मीद
Jefferies और Bernstein दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि रिलायंस के विभिन्न कारोबारों में सुधार की संभावना है:
- रिटेल व्यापार में 14-16% की वृद्धि:
रिलायंस के रिटेल कारोबार में 2024 में कुछ मंदी आई है, लेकिन Jefferies का मानना है कि आने वाले समय में रिटेल व्यापार में 14-16% की वृद्धि हो सकती है। इस वृद्धि से कंपनी के लाभ में बढ़ोतरी होगी। - जियो का प्रदर्शन:
Bernstein का अनुमान है कि जियो के औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता (ARPU) में 12% तक की वृद्धि हो सकती है, और वह भी बिना किसी टैरिफ वृद्धि के। यह संकेत करता है कि जियो के कारोबार में मजबूती आ सकती है, जो कंपनी के समग्र प्रदर्शन में सुधार करेगा। - ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) में बेहतर मुनाफा:
रिलायंस के O2C कारोबार में वित्तीय वर्ष 2026 तक बेहतर मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। Jefferies का कहना है कि इस समय के दौरान, O2C सेगमेंट में ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार होगा, जिससे कंपनी के मुनाफे में वृद्धि होगी।
3. EBITDA में 14% तक की वृद्धि की संभावना
Jefferies का अनुमान है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का EBITDA वित्तीय वर्ष 2026 तक 14% तक बढ़ सकता है। इस वृद्धि का प्रमुख कारण रिलायंस के सभी प्रमुख सेगमेंट्स रिटेल, जियो और O2C से होगा। इसका मतलब है कि कंपनी के मुनाफे में एक स्थिर और संतुलित वृद्धि देखने को मिलेगी, जो शेयर की कीमत को और मजबूत कर सकती है।
4. टारगेट प्राइस और संभावित बढ़त
Jefferies ने रिलायंस के शेयर के लिए ₹1,690 का टारगेट प्राइस रखा है, जो वर्तमान स्तर से लगभग 36% अधिक है। इसी तरह, Mirae Asset Securities ने ₹1,950 का टारगेट प्राइस रखा है, जो लगभग 57% की संभावित बढ़त दर्शाता है। दोनों टारगेट प्राइस रिलायंस के शेयर में आने वाले समय में एक अच्छे अपसाइड की संभावना को उजागर करते हैं।
5. विश्लेषकों की रेटिंग्स
रिलायंस इंडस्ट्रीज के बारे में अब तक कुल 39 विश्लेषकों ने अपनी राय दी है, जिसमें से 33 विश्लेषकों ने “बाय” रेटिंग दी है। इसका मतलब है कि अधिकांश विश्लेषक रिलायंस के शेयरों को खरीदने की सलाह दे रहे हैं, जो इसके भविष्य के बारे में सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
निष्कर्ष:
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2024 में कुछ चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कंपनी के विभिन्न कारोबारों में सुधार की उम्मीद बनी हुई है। रिटेल, जियो और O2C में उन्नति की संभावना है, जो इसके समग्र प्रदर्शन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। इसके साथ ही, रिलायंस का वर्तमान वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर प्रस्तुत करता है।
Jefferies और Bernstein दोनों के अनुसार, रिलायंस के शेयर में 36% से लेकर 57% तक की बढ़त हो सकती है। ऐसे में यह एक बेहतरीन निवेश अवसर हो सकता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो लंबे समय के लिए सोच रहे हैं।
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